पट्टी कोर्ट परिसर के बाहर एएसआई ने खुद को मारी गोली, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

पट्टी कोर्ट परिसर के बाहर एएसआई ने खुद को मारी गोली, गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती

ASI shoots himself outside Patti court complex

ASI shoots himself outside Patti court complex

तरनतारन। ASI shoots himself outside Patti court complex, तरनतारन जिले के पट्टी कोर्ट परिसर के बाहर सोमवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात पंजाब पुलिस के एक एएसआई ने कथित रूप से अपनी सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना के बाद कोर्ट परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायल पुलिसकर्मी को तुरंत उपचार के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन तरनतारन निवासी सहायक उप निरीक्षक गुरमीत सिंह की पिछले कुछ दिनों से पट्टी कोर्ट परिसर के बाहर सुरक्षा व्यवस्था के लिए ड्यूटी लगी हुई थी। सोमवार सुबह भी वह निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी के लिए पहुंचे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोर्ट के मुख्य प्रवेश द्वार के पास खड़े गुरमीत सिंह ने अचानक अपनी सर्विस रिवॉल्वर निकाली और कथित रूप से खुद पर गोली चला दी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक उन्होंने कनपटी पर गोली मारने का प्रयास किया था, लेकिन उसी दौरान हाथ फिसल जाने से गोली चेहरे के निचले हिस्से और जबड़े के पास जा लगी।

गोली की आवाज सुन भागे लोग

गोली चलने की आवाज सुनते ही कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। कई लोग अचानक इधर-उधर भागने लगे। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने तुरंत घायल अधिकारी को संभाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

घटना की सूचना मिलते ही उप पुलिस अधीक्षक रविशेर सिंह, थाना प्रभारी बलजीत सिंह वड़ैच सहित पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से सर्विस रिवॉल्वर को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। साथ ही मौके से अन्य साक्ष्य भी एकत्र किए जा रहे हैं।

मानसिक परेशान था एएसआई

फिलहाल पुलिस अधिकारियों की ओर से घटना के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि प्रारंभिक स्तर पर यह चर्चा है कि एएसआई पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव या ड्यूटी संबंधी दबाव का सामना कर रहे थे। पुलिस इस पहलू सहित सभी संभावित कारणों की जांच कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि घायल पुलिसकर्मी के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उसके बयान भी दर्ज किए जाएंगे। इसके अलावा सहकर्मियों और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि घटना के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाया जा सके।